स्मार्ट शहर की परेशानिया ।
सरकार ने अपने महत्वकांशी योजना स्मार्ट शहर को एक रूप रेखा देकर इस पर काम करना शुरू कर दिया हैं । सवाल उत्पन होता हैं कि स्मार्ट शहर तैयार होने में कितना समय लगेगा और इससे किसको कितना फायदा होगा । सरकार ने बार तो पैसे दे दिए हैं लेकिन क्या सिर्फ सरकार चाहने से स्मार्ट शहर बन जायेंगे।
अगर स्मार्ट शहर बनता हैं तो इसमें प्राइवेट कम्पनिओं को शामिल करना बहुत जरुरी होगा खासकर स्थानीय कम्पनिओं को । ऐसे में जाहिर सी बात हैं की बात हैं कि स्मार्ट शहरों में लोगो को महंगाई का सामना भी करना पड़ेगा । अगर सुविधाओ की बात करे शहरों में सारी सुविधाये होंगी लेकिन इन सुविधाओ को इस्तेमाल करने के लिए यहाँ रहने वाले लोगो को महंगाई का सामना करना पड़ेगा। स्ट्रीट लाइट लेकर कूड़ा करकट उठाने वाले और यहाँ कि सीवरेज के इस्तेमाल तक के लिए क़ीमत चुकानी पड़ सकती हैं । ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा की स्मार्ट शहर कही बर्बाद शहर न बन जाए ।
